तुर्की और पाकिस्तान करीब आ रहे हैं, लेकिन भारत ने जवाब दिया तो दोनों देशों को मुश्किल हो सकती है. अगर तुर्की और पाकिस्तान कश्मीर, पंजाब और यहां तक कि केरल में आतंकवादियों का समर्थन कर सकते हैं, तो भारत भी सीरिया, इराक और तुर्की में लोकतंत्र समर्थकों का खुलकर समर्थन कर सकता है.