दिल्ली में 23 वर्षीय तरुण कुमार ने 2019 में 1 करोड़ की ठगी की. छह साल बाद क्राइम ब्रांच ने उसे करनाल से गिरफ्तार किया. तरुण और उसके साथी लगातार ठिकाना बदलते रहे.