रिलेशनशिप- दोस्त टॉक्सिक रिलेशनशिप में हो तो क्या करें:इन 6 संकेतों से पहचानें, एक्सपर्ट से जानें मदद करने के 9 तरीके

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हम सभी अपने दोस्तों को खुशहाल और स्वस्थ जिंदगी जीते हुए देखना चाहते हैं। हालांकि, कभी-कभी हमारा कोई दोस्त किसी टॉक्सिक रिलेशनशिप में फंस जाता है। ऐसे में दोस्त को इस टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकालना हमारी जिम्मेदारी बन जाती है। हालांकि, यह इतना आसान नहीं होता है। खासतौर पर तब, जब सामने वाले को पता नहीं होता है कि वे टॉक्सिक रिलेशनशिप में हैं। उनको लगता है कि सब कुछ ठीक है। वे यह मानने को तैयार नहीं होते हैं कि उनका रिश्ता उनकी मेंटल और इमोशनल हेल्थ को नुकसान पहुंचा रहा है। ऐसे में हम आज हम रिलेशनशिप में जानेंगे कि- कैसे पहचानें कि दोस्त टॉक्सिक रिश्ते में है? आपका दोस्त टॉक्सिक रिलेशनशिप में है या नहीं, इसे आप कुछ संकेतों के जरिए पहचान सकते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। आइए ग्राफिक को विस्तार से समझते हैं। सम्मान का अभाव: अगर आपके दोस्त को लगता है कि रिश्ते में उसकी इज्जत नहीं की जा रही है, छोटी-छोटी बातों पर अपमानित किया जा रहा है, तो यह टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत है। इमोशनल ब्लैकमेलिंग: टॉक्सिक रिलेशनशिप में आपके दोस्त को डराकर या इमोशनली ब्लैकमेल करके रिश्ते में बने रहने के लिए मजबूर किया जा सकता है। कंट्रोल करने की कोशिश: जब कोई रिश्ते में जबरदस्ती करता है, तो यह टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत हो सकता है। जैसे कि दोस्तों या परिवार से मिलने से रोकना, किसी छोटी बात पर विवाद खड़ा करना, किसी की बात को अनसुना करना। कम्युनिकेशन में असहजता: अगर आपके दोस्त को अपने पार्टनर से कोई बात कहने में डर लगता है या उन्हें लगता है कि कोई उनकी सुन नहीं रहा, तो यह भी टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत हो सकता है। रिलेशनशिप में मैनिपुलेशन: जब किसी रिश्ते में एक व्यक्ति लगातार दूसरे की भावनाओं, इच्छाओं और फैसलों के साथ खेलता है, उसे अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करता है, तो यह टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत है। रिश्ते में असुरक्षा की भावना: किसी रिश्ते में डर, अकेलापन, अविश्वास, चिंता, उदासी और तनाव जैसी भावनाएं भी टॉक्सिक रिलेशनशिप का संकेत हो सकती हैं। दोस्त को कैसे समझाएं कि वह टॉक्सिक रिलेशनशिप में है? क्या आपके दोस्त को पता है कि वह टॉक्सिक रिलेशनशिप में है? अगर ऐसा नहीं है तो आपको उनकी मदद करने में थोड़ी मुश्किल हो सकती है। ऐसे में आप यह बात सीधे कहने के बजाय, फिल्में दिखाकर और किताबों के जरिए समझा सकते हैं। अगर आप सीधे यह बात बोलेंगे तो वे ऑफेंड हो सकते हैं, आपकी बात बुरी लग सकती है। साथ ही वह यह बात अपने पार्टनर से भी कह सकते हैं। ऐसे में उनको टॉक्सिक रिश्ते से निकालना और भी मुश्किल हो सकता है। ऐसे में आप कुछ बातों का ध्यान रखते हुए उनकी मदद कर सकते हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। आइए ग्राफिक को विस्तार से समझते हैं। सबसे पहले तो दोस्त का विश्वास जीतें दोस्त को टॉक्सिक रिलेशन के बारे में कुछ बोलने से पहले उनका भरोसा जीतें। इससे वे आपको भरोसेमंद साथी के रूप में देखेंगे और आपकी बात सुनने के साथ अपने दिल की बात भी कह पाएंगे। कोई सुझाव न दें अपने दोस्त को उनके रिश्ते के बारे में नेगेटिव बातें कहने और सुझाव देने से बचें। इसके बजाय, उनके अनुभवों के बारे में सवाल पूछें। जैसे, ‘तुम लोग घूमने गए थे, छुट्टियां कैसी रहीं? और क्या तुमने एंजॉय किया?’ या ‘तुम्हारा दिन कैसा रहा?’ ऐसे सवाल पूछने से उन्हें अपने रिश्ते के बारे में सोचने का मौका मिलेगा। टॉक्सिक रिश्ते को ऑब्जर्व करने में मदद करें अपने दोस्त को कुछ ऐसी किताबें पढ़ने को दें या फिल्में देखने के लिए कहें, जो टॉक्सिक रिश्तों के बारे में जानकारी देती हों। इससे वे समझ सकते हैं कि उनके साथ क्या हो रहा है। जब वे खुद चीजों को ऑब्जर्व करना शुरू करेंगे, तो उन्हें यह एहसास होगा और वे खुद टॉक्सिक रिश्ते से निकलने की कोशिश करेंगे। कुछ संकेतों के बारे में चर्चा करें आप दोस्त को टॉक्सिक रिश्ते के संकेतों के बारे में बताते हुए उसके साथ सवाल जोड़ सकते हैं। जैसे, तुम अब लोगों से बात नहीं करते हो, ऐसा क्यों है? दोस्त को समय दें इन सब कोशिशों के बावजूद संभव है कि आपका दोस्त टॉक्सिक रिलेशनशिप की सच्चाई को स्वीकार न करे। ऐसे में दोस्त को समय दें। इस दौरान उनके साथ सहानुभूति और समझदारी से पेश आएं। उन्हें महसूस कराएं कि आप उनके साथ हैं और मदद के लिए तैयार हैं। टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने में कैसे मदद करें? दोस्त टॉक्सिक रिश्ते में फंसा होता है, तो तुरंत मदद देना कभी-कभी उल्टा असर कर सकता है। ऐसे में दोस्त की मदद करते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए। क्या करें सुनें और समझें: जब आपका दोस्त बात करने के लिए तैयार हो, तो पहले उनकी पूरी बात सुनें और बिना जज किए परेशानी समझने की कोशिश करें। चेक-इन करें: अपने दोस्त का हालचाल लेते हुए सामान्य सवाल करें, जैसे ‘क्या आप ठीक हैं?’ यह आपके दोस्त को एहसास दिलाएगा है कि आप उनकी परवाह करते हैं। धैर्य रखें: हर किसी को टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने में समय लगता है। ऐसे में धैर्य रखें और जब आपका दोस्त मदद मांगे, मदद के लिए तैयार रहें। उन्हें बताएं कि वे मजबूत हैं: उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि वे किसी भी रिश्ते से बाहर आकर बेहतर जीवन जी सकते हैं। पेशेवर मदद लेने को कहें: अगर आपका दोस्त तैयार हो, तो उसे एक्सपर्ट की मदद लेने को कहें। क्या न करें जज न करें: दोस्त के पार्टनर के बारे में नकारात्मक बातें कहने से बचें। इससे वे डिफेंसिव हो सकते हैं और मदद लेने से मना कर सकते हैं। जल्दबाजी न करें: अगर आपके दोस्त को अपनी परेशानी बताने में झिझक महसूस हो रही है, तो उन पर दबाव न डालें। उन्हें सहज होने के लिए वक्त दें। अपनी मेंटल हेल्थ की अनदेखी न करें: अपनी देखभाल करना बहुत जरूरी है। अगर आप खुद मेंटली या इमोशनली थकान महसूस करेंगे, तो मदद नहीं कर पाएंगे। अनजाने में सलाह न दें: किसी टॉक्सिक रिश्ते से बाहर निकलने के लिए जल्दबाजी में सलाह न दें। जरूरी है कि आपका दोस्त खुद इस बात को महसूस करे और समझे कि क्या करना सही होगा। अधिक जोर न दें: दोस्त को समस्या का हल देने के बजाय, उन्हें यह महसूस कराएं कि वे इस समस्या से निकलने में सक्षम हैं।