छत्तीसगढ़ में देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षाएं नेट, सेट और पीएचडी पास हजारों युवाओं को रोजगार की तलाश है। प्रदेश में वर्ष 2019 के बाद यानी सात वर्षों से सहायक प्राध्यापक की एक भी नई वैकेंसी नहीं निकली है।