प्रदेश के 19 सरकारी विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के 2103 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल 420 पदों पर ही नियमित नियुक्तियां हैं, जबकि 1683 पद खाली पड़े हैं। विश्वविद्यालयों में करीब 80 प्रतिशत शिक्षकों के पद रिक्त हैं।