एक तरफ के मकान तो 15-20 फीट तक टूट रहे हैं जबकि दूसरी तरफ के मकान पूरी तरह से सुरक्षित हो गए हैं। नगर निगम के इस पक्षपात से कई रहवासियों का मकान शत-प्रतिशत टूट रहा है, जबकि कुछ लोगों का मकान पूरी तरह से सुरक्षित हो गया है।