मुरैना में मनरेगा क्लोन एप घोटाले में पहली एफआईआर दर्ज हुई। फर्जी हाजिरी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच में रोजगार सहायक पर कार्रवाई हुई, जबकि अन्य पंचायतों पर भी शिकंजा कस रहा है।