ललित मोदी का हाल में ही में एक पॉडकास्ट के दौरान दिया गया बयान वायरल हो गया है. उन्होंने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप 2007 शुरू होने से पहले वह भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में गए थे और सीनियर खिलाड़ियों से टूर्नामेंट में हिस्सा लेने की अपील की थी. हालांकि, खिलाड़ियों ने इस फॉर्मेट को गंभीरता से नहीं लिया और खेलने से इनकार कर दिया. आज हालात ऐसे हैं कि टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर भी भारी पड़ती नजर आती है.टी20 वर्ल्ड कप 2007 से पहले भारतीय टीम इंग्लैंड दौरे पर थी, जहां उसे तीन टेस्ट और सात वनडे मैचों की सीरीज खेलनी थी. 19 जुलाई से 8 सितंबर तक चले इस दौरे के तुरंत बाद 11 सितंबर से दक्षिण अफ्रीका में टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन होना था. इंग्लैंड दौरे पर राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली जैसे अनुभवी खिलाड़ी टीम का हिस्सा थे, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम में कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला. महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली इस टीम में वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, गौतम गंभीर, दिनेश कार्तिक, आरपी सिंह और इरफान पठान जैसे खिलाड़ी शामिल थे.ANI को दिए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा, “जब भारतीय टीम 2007 में इंग्लैंड दौरे पर थी, तब मैं ड्रेसिंग रूम में हर खिलाड़ी से मिला. मैंने उनसे टी20 खेलने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘ललित, क्या तुम मजाक कर रहे हो? यह कैसा खेल है? हम इसे नहीं खेलना चाहते.’ लगभग सभी खिलाड़ियों की प्रतिक्रिया यही थी. उनका कहना था कि दौरा काफी लंबा रहा है और वे अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं.”उन्होंने आगे कहा, “आज अगर कोई खिलाड़ी वर्ल्ड कप नहीं खेले तो बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा. फैंस, खिलाड़ी और प्रशासक कोई भी इसे स्वीकार नहीं करेगा.” ललित मोदी के मुताबिक, बीसीसीआई ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में अपनी सबसे अनुभवी टीम नहीं भेजी थी. बोर्ड ने महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया और एक नई टीम को मौका दिया.यह भी पढ़ें- वैभव सूर्यवंशी का बढ़ा क्रेज, अब इंडिया A की सीरीज का भी होगा LIVE प्रसारण, जानिए कहां देख सकते हैं आपउन्होंने कहा, “बीसीसीआई ने उस समय अपनी मुख्य टीम को टी20 वर्ल्ड कप के लिए दक्षिण अफ्रीका नहीं भेजा. बोर्ड ने नई टीम तैयार की और उसकी कमान महेंद्र सिंह धोनी को सौंप दी. वह पूरी तरह नई और युवा टीम थी. सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने उस टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था.”यह भी पढ़ें- IPL 2026: पॉवरप्ले नियमों से सचिन तेंदुलकर नाराज, बदलने को लेकर दिया अनोखा सुझावमोदी ने सवाल उठाते हुए कहा, “क्या आज के दौर में कोई ऐसा फैसला स्वीकार करेगा? अगर भारतीय टीम किसी वर्ल्ड कप में जाए और उसमें मुख्य खिलाड़ियों की जगह दूसरी टीम भेजी जाए, तो क्या फैंस इसे स्वीकार करेंगे? क्या बोर्ड ऐसा फैसला लेगा? शायद नहीं.”