विजय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंसते हुए पुलिसकर्मियों को नहीं किया ससपेंड

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सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने तीन IPS (इंडियन पुलिस सर्विस) अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इन अधिकारियों को 23 मई को कोयंबटूर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए रेप और मर्डर के मामले पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंसते हुए देखा गया था.पोस्ट में क्या कहा गया है ?: इस पोस्ट को शेयर कर लिखा जा रहा है कि, "5 दिन पहले Coimbatore में एक दस साल की बच्ची का रेप और फिर मर्डर हुआ था. घटना की ब्रीफिंग के लिए रखी प्रेस कॉन्फ्रेंस में तीन IPS अफसरों को सबने हंसते देखा. सबको बुरा लगा.पर विजय ने इस मामले में तमाशाबीन ना बनकर अपना फर्ज निभाते हुए तीनों IPS अफसर को ससपेंड किया है और साथ ही साथ परिवार वालों से इस घटना के लिए माफी भी मांगी है. हंसने वालों में एक महिला IG और दो DIG शामिल थे."इस पोस्ट का अर्काइव यहां देखें( ऐसे ही दावा करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )सच क्या हैं?: यह दावा गलत है. इस बात का कोई सबूत नहीं है कि CM विजय ने संबंधित IPS अधिकारियों—यानी तमिलनाडु पश्चिमी क्षेत्र की इंस्पेक्टर जनरल रम्या भारती, कोयंबटूर के पुलिस अधीक्षक पवन कुमार और डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल स्वामिनाथन—को निलंबित किया है. हमें सच्चाई कैसे पता चली?: हमने कोयंबटूर के एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ADSP) एम विवेकानंदन से बात की, जिन्होंने कंफर्म किया कि इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है. जब हमने उनसे इन अधिकारियों के कथित सस्पेंशन के बारे में पूछा, तो उन्होंने वेबकूफ को बताया, "यह खबर पूरी तरह से झूठी है."गूगल पर इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर जैसे (तमिलनाडु के CM विजय ने IPS अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सस्पेंड किया कोयंबटूर रेप मर्डर) और (राम्या भारती पवन कुमार स्वामीनाथन सस्पेंड) हमें इन अधिकारीयों के कथित सस्पेंशन को लेकर कोई विश्वसनीय न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली.इसके सिवा हमने तमिलनाडु सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर निलंबन के नोटिस ढूंढें, जो नियमित रूप से इस तरह के नोटिस प्रकाशित करती है. हालांकि हमें ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला.इसके बाद हमने तमिलनाडु पुलिस के आधिकारिक X हैंडल और सिटीजन पोर्टल को देखा, लेकिन हमें अधिकारियों के निलंबन से जुड़ा कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला.इसके अलावा हमने कोयंबटूर जिला पुलिस के X हैंडल और आधिकारिक वेबसाइट को भी देखा, लेकिन वहां भी निलंबन का ऐसा कोई नोटिस नहीं मिला.हमने तमिलनाडु के पुलिस महानिदेशक (DGP) महेश कुमार अग्रवाल से भी संपर्क किया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला. जैसे ही उनका जवाब मिलेगा इस रिपोर्ट को अपडेट कर दिया जाएगा.निष्कर्ष: वायरल दावा गलत है, क्योंकि तीनों IPS अधिकारियों के निलंबित होने का कोई प्रमाण नहीं है. (अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)बंगाल में कुर्बानी से पहले गाये बेचते लोगों की पिटाई का नहीं है यह वीडियो