यहां प्रतिमाओं के वैज्ञानिक संरक्षण के लिए जरूरी केमिकल ट्रीटमेंट अब भी बजट के अभाव में अटका हुआ है। वर्ष 2003 में शुरू हुए इस संग्रहालय में धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की सैकड़ों प्रतिमाएं संरक्षित हैं।