कैंसर का नाम सुनते ही मन में कई तरह के सवाल आने लगते हैं. मरीज और उसके परिवार के लिए यह समय शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी चुनौतीपूर्ण होता है. ऐसे में सही इलाज, पौष्टिक आहार और डॉक्टर की सलाह का पालन करना बेहद जरूरी है. आप कुछ च3ईजन का विशेष ध्यान रख कर कैंसर से जल्दी रिकवरी कर सकते हैं जाने क्या है वह टिप्ससबसे पहले विशेषज्ञ से लें सलाहगाजियाबाद स्थित यशोदा अस्पताल के डॉ. एसके अग्रवाल के मुताबिक, कैंसर के इलाज में सबसे जरूरी कदम सही समय पर विशेषज्ञ से संपर्क करना है. कैंसर के प्रकार और स्टेज के अनुसार डॉक्टर सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडिएशन, इम्यूनोथेरेपी या दूसरी उपचार की सलाह देते हैं. हर मरीज के लिए एक ही तरह का इलाज प्रभावी हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए किसी दूसरे मरीज का अनुभव सुनकर अपना इलाज बदलना या घरेलू नुस्खों के भरोसे रहना नुकसानदायक होता है. डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं और उपचार समय पर लेना जरूरी हैयह भी पढ़ें : Health Helpline Number: फ्री इलाज और सस्ती दवा चाहिए? इन 2 नंबरों से तुरंत मिलेगी मददआहार से शरीर को दें ताकतकैंसर के इलाज के दौरान शरीर को पर्याप्त पोषण देना जरूरी होता है. फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, दूध, अंडे और प्रोटीन के दूसरे स्रोत जरूरत के अनुसार आहार में शामिल करें. मरीज की पोषण संबंधी जरूरतें इलाज और उसके नुकसान के हिसाब से बदल सकती हैं. कुछ मरीजों को पर्याप्त कैलोरी और प्रोटीन की जरूरत होती है, जबकि कुछ को खाने या निगलने में परेशानी होती है. ऐसे में डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से डाइट बनाएं. बिना सलाह के सप्लीमेंट या बहुत सख्त डाइट शुरू न करें.हल्की सैर या एक्सरसाइज से रखें ख्याल मरीज अपनी क्षमता के अनुसार हल्की सैर या एक्सरसाइज कर सकता है. इससे ऊर्जा, मांसपेशियों की ताकत और डेली लाइफ की एक्टिविटीज बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है. पर्याप्त आराम, तनाव कम करने के तरीके और परिवार का सहयोग भी महत्वपूर्ण हैं. इलाज पूरा होने के बाद भी डॉक्टर के बताए समय पर फॉलो-अप जांच कराना जरूरी है. इन जांचों से स्वास्थ्य पर नजर रखने और किसी समस्या का समय पर पता लगाने में मदद मिलती है. Disclaimer: कैंसर को केवल छह महीने में पूरी तरह ठीक करने का कोई सामान्य फॉर्मूला नहीं है. बीमारी का प्रकार, उसकी स्टेज और मरीज की सेहत के आधार पर डॉक्टर द्वारा इलाज की योजना बनाई जाती है. एक बार किसी भी रूटीन को फॉलो करने से पहले डॉक्टर से बात करें.यह भी पढ़ें : लॉन्ग कोविड का नया खतरा, मुंह और फेफड़ों के बैक्टीरिया में दिखे बड़े बदलाव