बिना कंजक खिलाए अधूरा माना जाता है नवरात्रि का व्रत, इंद्रदेव से शुरू हुई कंजक की परंपरा; बटुक का होना भी बेहद खा

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नवरात्र में कन्या पूजन के बिना व्रत अधूरा माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सबसे पहले इंद्रदेव ने ब्रह्मा जी की सलाह पर माता रानी को प्रसन्न करने के लिए कन्या पूजन किया था। 9 कन्याओं और एक बटुक (भैरव) को हलवा, पूरी और काले चने का भोग कराकर आशीर्वाद लेने से घर में सुख, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है।