बस्तर की कुलदेवी के रूप में पूजी जाने वाली मां हिंगलाजिन के दरबार में छत्तीसगढ़ के अलावा ओडिशा और तेलंगाना से भी श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर की सबसे खास परंपरा यह है कि यहां मां के दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ दिवंगत पूर्व पुजारियों की प्रतिमाओं की भी नियमित रूप से पूजा की जाती है।