आदिवासी बहुल कोरबा जिले के पहाड़ी और वनांचल क्षेत्रों में स्थित देवी मंदिरों की अपनी अनूठी परंपराएं हैं। कोसगाईगढ़ में जहां श्वेत ध्वज चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा है, वहीं मातिन दाई मंदिर में प्रतिमा के स्थान पर आसन की पूजा होती है।