किसानों के मुताबिक फसलों को हुए नुकसान की जानकारी हल्का पटवारी और तहसीलदार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन घटना के करीब 24 घंटे बाद भी मौके पर सर्वे शुरू नहीं हुआ।