याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि जुलाई 2026 में हुए विधानसभा उपचुनाव के दौरान दाखिल शपथ पत्र में कुछ आपराधिक प्रकरणों का विवरण नहीं दिया गया।