काले बंदरों की जीवनचर्या, पर्यावरणीय परिस्थितियों और सामाजिक व्यवहार को समझने के लिए पांच साल तक किए गए शोध के बाद खैरागढ़ विकासखंड के शिक्षक उपेंद्र कुमार वर्मा ने कई रहस्य खोज निकाले हैं।