सुबह उठते ही शुरू हो जाती हैं छींक, जानें क्या है दिक्कत?

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कई लोगों के लिए सुबह की शुरुआत छींकों से होती है. बिस्तर से उठते ही नाक में खुजली होती है, फिर लगातार छींकें आने लगती हैं और नाक बहने लगती है. कभी-कभार ऐसा होना आम बात है, लेकिन अगर यह रोज होने लगे तो इसे हल्के में न लें. इसके पीछे अक्सर एलर्जी या हमारे आसपास की कोई चीज जिम्मेदार होती हैं, लेकिन घबराने की बात नहीं है, थोड़ी सावधानी से मिल सकती है राहत.सुबह ही क्यों आती हैं ज्यादा छींकसुबह की छींकों की सबसे आम वजह एलर्जिक राइनाइटिस है. इसमें हमारा शरीर धूल या बेहद मामूली चीजों पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया देने लगता है. रातभर हम तकिए और गद्दे के पास सोते हैं. वहां डस्ट माइट्स मौजूद होते हैं. ये गर्म और नमी वाली जगहों में पनपते हैं और हमारी त्वचा की मृत कोशिकाओं पर जीते हैं. सोते समय हम इनके कणों को सांस के साथ अंदर लेते रहते हैं, इसलिए सुबह लक्षण ज्यादा दिखते हैं. यह गंदगी की निशानी नहीं है. साफ घरों में भी ये मिलते हैं. इसके अलावा पालतू जानवर के बाल, फफूंद और सुबह की ठंडी या सूखी हवा भी नाक को परेशान करती है.यह भी पढ़ें : Pope Leo XIV Cancer: किस कैंसर से जूझ रहे पोप लियो, एक लंग के बिना कितनी होंगी दिक्कतें?कौन सी चीजें बढ़ाती हैं परेशानीकई बार वजह एलर्जी नहीं होती. इसे नॉन-एलर्जिक राइनाइटिस कहा जाता है. इसमें मौसम बदलना, तेज खुशबू, धुआं या प्रदूषण नाक को परेशान कर देते हैं. कमरे की सूखी हवा से नाक के अंदर की परत सूख जाती है और छींकें आने लगती हैं. कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स भी सुबह नाक बंद होने की वजह बनता है. मौसम बदलते समय यह परेशानी अक्सर बढ़ जाती है. छींक के साथ आंखों में खुजली, पानी आना, गला खराब होना या नाक बंद रहना दिखे तो एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है. वहीं बुखार, बदन दर्द और गला दर्द साथ हों तो यह सर्दी-जुकाम जैसा वायरल संक्रमण भी हो सकता है.राहत के आसान तरीके और डॉक्टर को कब दिखाएंसबसे पहले बिस्तर की सफाई पर ध्यान दें. चादर और तकिए के कवर हफ्ते में एक बार गर्म पानी में धोएं. पुराने तकिए 1 से 2 साल में बदल दें. कमरे में झाड़ू की जगह गीले कपड़े से सफाई करें. पालतू जानवर को बेडरूम से दूर रखें. सुबह खिड़कियां बंद रखें और जरूरत हो तो एयर फिल्टर इस्तेमाल करें. अगर छींक कई हफ्तों से रोज आ रही हैं, नींद खराब हो रही है, सांस लेने में तकलीफ है या सीने में घरघराहट सुनाई दे, तो देर न करें और डॉक्टर को दिखाएं. बिना सलाह के कोई भीनदवा न लें.यह भी पढ़ें : IIT जोधपुर में मेडिकल AI की नई पहल, रोबोट करेगा हार्ट स्कैन में मददडिस्क्रिप्शन : रोज सुबह छींकें आ रही हों या साथ में सांस की तकलीफ हो, तो डॉक्टर को दिखाएं. बिना सलाह के कोई दवा न लें.