शनिवार को लगभग पाँच लाख लोगों ने शांतिपूर्ण तरीक़े से बढ़ती महंगाई और अच्छी सरकारी शिक्षा सहित सार्वजनिक सेवाओं तक पहुँच में कमी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया था लेकिन अचानक से चीज़ें बेकाबू हो गईं.