ममता बनर्जी ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि उनके पूर्वजों को भी अत्याचार सहने पड़े थे, लेकिन उन्होंने संकल्प और बहादुरी के साथ संघर्ष जारी रखा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सत्ता में बैठे लोग हमेशा सत्ता में नहीं रहेंगे।