चिकनपॉक्स यानी छोटी माता ठीक होने के बाद भी कई लोगों के चेहरे पर दाग रह जाते हैं. कुछ निशान समय के साथ हल्के पड़ जाते हैं, लेकिन अगर त्वचा पर गहरे गड्ढे बन गए हैं, तो उन्हें हटाना आसान नहीं होता. ऐसे में चेहरे पर कुछ भी लगाने से पहले यह समझना जरूरी है कि दाग किस तरह के हैं. सही देखभाल, धूप से बचाव और त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों से दूरी बनाकर निशानों को हल्का करने में मदद मिलती है.चेहरे को हल्के फेसवॉश से साफ करेंचिकनपॉक्स के दाग होने पर चेहरे को साफ रखना जरूरी है. इसके लिए हल्के और बिना खुशबू वाले फेसवॉश का इस्तेमाल करें. चेहरा धोते समय त्वचा को जोर से न रगड़ें और न ही दागों को खुरचें. अगर घाव अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं, तो उन पर कोई घरेलू नुस्खा लगाने से बचें. पहले त्वचा को ठीक होने दें. एलोवेरा जेल से रखें त्वचा का ध्यानअगर चिकनपॉक्स के घाव पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, तो त्वचा को नमी देने के लिए बिना खुशबू वाला एलोवेरा जेल इस्तेमाल किया जाता है. इससे त्वचा को आराम मिलता है, इसे लगाने से पहले त्वचा के छोटे हिस्से पर जांच करें. जलन या खुजली होने पर इसका इस्तेमाल बंद कर दें.यह भी पढ़ें : नेस्ले और HUL पर FSSAI का बड़ा एक्शन, भ्रामक दावों पर थमाया कारण बताओ नोटिस धूप से बचाएं चेहराचिकनपॉक्स के बाद बचे गहरे निशान धूप में और ज्यादा नजर आते हैं. इसलिए रोजाना SPF 30 या उससे ज्यादा वाला ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन लगाएं. बाहर जाते समय टोपी या छाते का इस्तेमाल भी करते हैं. सनस्क्रीन निशान मिटाने की गारंटी नहीं देता, लेकिन दागों का रंग और गहरा होने से रोकने में मदद करता है.नींबू और दूसरे तेज नुस्खों से बचेंचेहरे पर नींबू का रस, बेकिंग सोडा, टूथपेस्ट या तेज स्क्रब लगाने से बचें. ये त्वचा में जलन पैदा करते हैं और दागों को और गहरा करते हैं. इसी तरह घावों की पपड़ी को खुद से निकालना भी सही नहीं है. इससे संक्रमण और स्थायी निशान पड़ने का खतरा बढ़ता है.गहरे गड्ढों के लिए डॉक्टर से लें सलाहअगर चिकनपॉक्स के बाद चेहरे पर गड्ढे बन गए हैं, तो घरेलू उपायों से उन्हें पूरी तरह हटाना मुश्किल होता है. त्वचा विशेषज्ञ निशानों की गहराई और त्वचा की स्थिति देखकर इलाज सुझाते हैं. कुछ मामलों में माइक्रोनीडलिंग, लेजर या दूसरे उपचारों पर विचार किया जाता है. इनका चुनाव डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए. अगर दाग तेजी से बदल रहे हैं, दर्द हो रहा है या घाव में पस दिखाई दे रही है, तो जल्द चिकित्सा सलाह लें.यह भी पढ़ें : हवा में घुला PM2.5 सेहत पर डाल सकता है भारी असर, 21 दिन तक बढ़ा सकता है अस्पताल जाने का जोखिम