अमेरिकी राष्ट्रपति के इस फैसले पर अमेरिकी सांसदों ने सवाल उठाए हैं। आरोप लगाया है कि इससे रूस पर दबाव कम होगा, जबकि ट्रंप ने इसे अमेरिका और दुनिया के हित में बताया है।