इंजेक्शन लगवाने के नाम से कई लोगों को घबराहट होने लगती है. कुछ लोग सुई देखकर डरते हैं तो कुछ को उसके चुभने का दर्द परेशान करता है. लेकिन क्या एक पसंदीदा गाना इस परेशानी को कम कर सकता है? फ्रंटियर्स इन पेन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि नस में सुई लगने के दौरान अपना पसंदीदा संगीत सुनने से दर्द का अनुभव कम होता है. 204 मरीजों पर किया गया अध्ययनस्विट्जरलैंड के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख के शोधकर्ताओं ने MRI जांच से पहले नस में कैनुला लगाने की प्रक्रिया से गुजर रहे 204 मरीजों को अध्ययन में शामिल किया. मरीजों को चार समूहों में बांटा गया. एक समूह ने अपना पसंदीदा संगीत सुना, दूसरे ने मोजार्ट की धुन, तीसरे ने रिलैक्सेशन म्यूजिक और चौथे समूह ने कोई संगीत नहीं सुना. इसके बाद मरीजों से सुई लगने के तुरंत बाद, 30 सेकंड बाद और दो मिनट बाद दर्द का अनुभव बताने को कहा गया. इस तरह शोधकर्ताओं ने अलग-अलग संगीत के प्रभाव की तुलना की.यह भी पढ़ें :बार-बार टूट रहे नाखून? शरीर में इस चीज की हो गई कमी पसंदीदा गाना सुनने वालों को मिली ज्यादा राहतअध्ययन में अपने पसंद का संगीत सुनने वाले मरीजों ने सुई लगने के 30 सेकंड और दो मिनट बाद कम दर्द महसूस किया. जिन मरीजों को सुई लगाने से पहले भी दर्द था, उनमें पसंदीदा संगीत सुनने से सुई लगने के तुरंत बाद भी दर्द कम दर्ज किया गया. मोजार्ट का संगीत सुनने वाले कुछ मरीजों को भी राहत मिली, लेकिन इसका स्पष्ट असर उन लोगों में दिखा जिन्हें प्रक्रिया से पहले ही दर्द महसूस हो रहा था. वहीं, रिलैक्सेशन म्यूजिक सुनने वाले समूह में दर्द कम होने का खास असर नहीं मिला.हर शांत संगीत से क्यों नहीं मिली राहत?शोधकर्ताओं के मुताबिक, पसंदीदा गाना सुनने से व्यक्ति का ध्यान सुई लगने की प्रक्रिया से हटकर संगीत पर जाता है. इससे दर्द का अनुभव कम होता है. इसके उलट, बहुत धीमा और एक जैसी धुन वाला रिलैक्सेशन म्यूजिक कुछ लोगों का ध्यान उतनी मजबूती से नहीं खींच पाया है. इसका प्रभाव व्यक्ति की पसंद और स्थिति के अनुसार अलग होता है.क्या इंजेक्शन के डर में संगीत मदद करता है?इस रिसर्च से संकेत मिलता है कि छोटी और थोड़े समय तक चलने वाली चिकित्सा प्रक्रियाओं के दौरान पसंदीदा संगीत मरीज को आराम देने का आसान तरीका हो सकता है. लेकिन यह अध्ययन खास तौर पर MRI से पहले नस में कैनुला लगाने की प्रक्रिया पर किया गया था. इसलिए इसके नतीजों को हर तरह के इंजेक्शन, टीकाकरण या ज्यादा दर्द वाली चिकित्सा प्रक्रिया पर सीधे कारगर नहीं कह सकते . यह भी पढ़ें : LNJP में हाईटेक CT और MRI मशीनें, जांच सुविधाओं को मिलेगी रफ्तार