बोर्ड परीक्षाओं में लगातार तीन वर्ष तक शत-प्रतिशत परिणाम देने वाले प्राचार्यों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। साथ ही उनके विद्यालय को विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपये मिलेंगे।