फिजिकल हेल्थ- सैलून में हेयर वॉश हो सकता है जानलेवा:डॉक्टर से जानें क्या है ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम, 10 लक्षण इग्नोर न करें

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लोग अक्सर ग्रूमिंग के लिए सैलून जाते हैं। यहां हेयर कट से लेकर हेयर वॉश और स्पा तक कई सर्विस मिलती हैं। लोग अपनी पसंद और जरूरत के मुताबिक सर्विस चुनते हैं। क्या आपको पता है कि हेयर वॉश के दौरान सिर को लंबे समय तक पीछे झुकाकर रखने से स्ट्रोक हो सकता है। साल 2025 में ‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन’ में इस बारे में एक रिव्यू पब्लिश हुआ। इसमें पिछले 50 वर्षों में पार्लर में हुए स्ट्रोक के 54 मामलों काे एनालाइज किया गया। इनमें ज्यादातर घटनाएं सैलून में हेयर वॉश के दौरान हुई थीं। इस कंडीशन को ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ कहा जाता है। इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम क्या होता है? जवाब- ये एक गंभीर हेल्थ कंडीशन है, जो सैलून में बाल धोते समय गर्दन के ज्यादा पीछे झुकने के कारण हो सकती है। इसे पॉइंट्स से समझिए- सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम क्यों होता है? जवाब- इसका मुख्य कारण बाल धोते समय गर्दन को लंबे समय पीछे झुकाकर रखना है। इसे ऐसे समझिए- सवाल- ब्रेन के लिए यह कैसे खतरनाक है? जवाब- जब किसी वजह से ब्लड सप्लाई रुकती है, तो कुछ ही मिनटों में ब्रेन सेल्स डैमेज होना शुरू हो जाती हैं। जिस हिस्से तक ब्लड नहीं पहुंचता, वहां की सेल्स काम करना बंद कर देती हैं। इसका बॉडी के कई जरूरी फंक्शंस प्रभावित हो सकते हैं, जैसे- सवाल- ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ के लक्षण क्या होते हैं? जवाब- इसके लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं कि ब्रेन का कौन-सा हिस्सा प्रभावित हुआ है। ये लक्षण तुरंत भी दिख सकते हैं या सैलून ट्रीटमेंट के कुछ दिन या हफ्तों बाद भी सामने आ सकते हैं। ग्राफिक में इसके सभी लक्षण देखिए- सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का रिस्क किन्हें ज्यादा रहता है? जवाब- सैलून में हेयर वॉश कराने वाले हर व्यक्ति को यह समस्या नहीं होती, लेकिन कुछ खास स्थितियों में इसका रिस्क बढ़ सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम कैसे डायग्नोज किया जाता है? जवाब- इसके लिए डॉक्टर सबसे पहले पूरा न्यूरोलॉजिकल चेक-अप करते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि ब्रेन का कौन-सा हिस्सा प्रभावित हुआ है। इसके लिए कुछ टेस्ट किए जाते हैं, जैसे- सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम का ट्रीटमेंट क्या है? जवाब- इसका इलाज अन्य स्ट्रोक की तरह ही किया जाता है। इलाज का मुख्य उद्देश्य होता है- इसके लिए डॉक्टर आमतौर पर- अगर स्ट्रोक के बाद कमजोरी, संतुलन या मूवमेंट से जुड़ी समस्या बनी रहती है, तो- की मदद ली जाती है, जिससे मरीज धीरे-धीरे अपनी रोजमर्रा की एक्टिविटीज में सुधार कर सके। सवाल- ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम से कैसे बचें? जवाब- सबसे पहले ये देखें कि इस दौरान आप रिलैक्स महसूस कर रहे हैं या नहीं। अगर समस्या हो रही है तो गर्दन में सपोर्ट के लिए पिलो आदि मागें या गर्दन का एंगल सही करने को कहें। ग्राफिक में देखिए, इससे बचने के लिए क्या-क्या करना चाहिए- इन पॉइंटर्स को एक-एक करके थोड़ा विस्तार से बताते हैं- गर्दन को सपोर्ट और आराम दें हेयर वॉश के दौरान वॉश बेसिन के किनारे एक मुलायम तौलिया या कुशन रखवाएं, ताकि गर्दन और सिर को सपोर्ट मिले और अनावश्यक खिंचाव न पड़े। गर्दन का एंगल सही रखें ध्यान रखें कि बाल धोते समय गर्दन जरूरत से ज्यादा पीछे न झुके। कोशिश करें कि गर्दन का झुकाव 20 डिग्री से ज्यादा न हो। इसे हल्के और सहज एंगल में रखें, ताकि गर्दन की नसों और मसल्स पर ज्यादा दबाव न पड़े। सही पोश्चर में बैठें बाल धोते समय गर्दन को सिंक के सख्त किनारे पर टिकाने की बजाय थोड़ा आगे की ओर झुककर बैठें, जिससे सिर और गर्दन पर जोर कम पड़े। बेसिन पर सिर ज्यादा देर पीछे न रखें कई बार बाल धोने के बाद वहीं खड़े-खड़े या सिंक के ऊपर तौलिए से बाल सुखाए जाते हैं। बेहतर है कुर्सी पर सीधा बैठकर या थोड़ा आगे झुककर तौलिए का इस्तेमाल करने को कहें। दर्द/असहजता हो तो तुरंत बताएं अगर वॉश के दौरान दर्द, चक्कर या किसी भी तरह की परेशानी महसूस हो तो बिना झिझक सैलून स्टाफ को बताएं, ताकि पोजिशन तुरंत बदली जा सके। बीच-बीच में ब्रेक लें अगर हेयर वॉश या कोई ट्रीटमेंट लंबा चल रहा हो, तो बीच में गर्दन को सीधा करके कुछ देर आराम दें। नेक सपोर्ट का इस्तेमाल करें गर्दन के नीचे तौलिया या नरम कुशन रखने से दबाव कम पड़ता है और गर्दन ज्यादा आरामदायक स्थिति में रहती है। अचानक गर्दन को झटका न दें सिर को पीछे या आगे करते समय धीरे-धीरे मूव करें। अचानक झटका लगने से गर्दन की मसल्स और ब्लड वेसल्स पर तनाव बढ़ सकता है। ……………………… ये खबर भी पढ़ें… फिजिकल हेल्थ- केरलम में निपाह वायरस का केस मिला:देश में 8वीं बार फैला संक्रमण, 75% तक मृत्यु दर, डॉक्टर से जानें इलाज और बचाव केरलम के कोझिकोड जिले में बीते गुरुवार यानी 11 जून को निपाह वायरस का एक केस मिला। इसके बाद राज्य सरकार ने हाई अलर्ट जारी किया है। संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए सभी 77 लोगों को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इनमें से 2 लोगों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। पूरी खबर पढ़ें…