जरूरत की खबर- ट्रैवल में फोन चोरी का रिस्क:सेफ्टी के 9 टिप्स याद रखें, खो जाए तो तुरंत करें ये 7 काम, जानें फोन कैसे ट्रैक करें

Wait 5 sec.

आज स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का जरूरी हिस्सा है। कॉल और मैसेज के अलावा इसका उपयोग ऑनलाइन पेमेंट, टिकट बुकिंग, नेविगेशन, होटल रिजर्वेशन, फोटो स्टोरेज और डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रखने समेत कई कामों के लिए होता है। ट्रैवल के दौरान फोन चोरी होने का रिस्क बढ़ जाता है। इसलिए यात्रा में इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है। कुछ सावधानियां अपनाकर स्मार्टफोन को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज ट्रैवल के दौरान फोन सेफ्टी की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: विशाल विक्रम सिंह, एडिशनल एसपी, स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ट्रैवल के दौरान फोन खोने या चोरी होने का रिस्क क्यों बढ़ जाता है? जवाब- लोग अक्सर नई जगहों, सामान और टिकट-होटल जैसी व्यवस्थाओं में व्यस्त रहते हैं। सवाल- किन जगहों पर फोन चोरी होने का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- जहां भीड़ ज्यादा हो, लोगों का ध्यान भटकता हो या जल्दबाजी का माहौल हो, वहां चोर आसानी से मौका तलाश लेते हैं। सभी रिस्की जगहें ग्राफिक में देखिए- सवाल- फोन को जेब/बैग में कैसे रखें कि वह सुरक्षित रहे? जवाब- फोन को ऐसी जगह रखें, जहां हमेशा आपकी नजर और कंट्रोल बना रहे। सवाल- भीड़ में फोन इस्तेमाल करते हुए क्या सावधानियां बरतें? जवाब- भीड़भाड़ वाली जगहों पर फोन इस्तेमाल करते समय आसपास के माहौल का ध्यान रखना चाहिए। कई बार लोग कॉल, मैप या फोटो में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि आसपास ध्यान नहीं देते और फोन स्नैचिंग या चोरी का शिकार हो जाते हैं। सेफ्टी के लिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें- सवाल- सोते समय (ट्रेन/बस/फ्लाइट) फोन कैसे सुरक्षित रखें? जवाब- पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखें- ट्रेन में बस में फ्लाइट में सवाल- क्या करें कि फोन चोरी होने पर भी डेटा चोरी न हो? जवाब- फोन चोरी होने पर सबसे बड़ा रिस्क उसमें मौजूद पर्सनल डेटा, बैंकिंग एप्स, फोटो, डॉक्यूमेंट्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स के मिसयूज का होता है। इसलिए पहले से कुछ सिक्योरिटी फीचर्स ऑन रखना जरूरी है। जैसेकि- सवाल- क्या करें कि फोन चोरी होने पर UPI, बैंकिंग एप सुरक्षित रहें? जवाब- फोन चोरी होने पर UPI और बैंकिंग एप्स का मिसयूज हो सकता है। इसलिए मोबाइल में पहले से कुछ सिक्योरिटी सेटिंग्स ऑन रखना जरूरी है, ताकि फोन गलत हाथों में जाने पर भी बैंक अकाउंट सुरक्षित रहे। सवाल- एंटी-थेफ्ट बैग या पाउच क्या होता है? इसे कैसे यूज करते हैं? जवाब- एंटी-थेफ्ट बैग/पाउच चोरी से बचाव के लिए डिजाइन किया जाता है। इसमें छिपी हुई चेन, कट-रेजिस्टेंट मेटेरियल, लॉक सिस्टम और सीक्रेट पॉकेट जैसे फीचर्स होते हैं, जिससे सफर के दौरान सामान और फोन ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। सवाल- क्या एंटी-थेफ्ट पाउच उपयोगी हैं? जवाब- हां, भीड़भाड़ वाली जगहों और लंबी यात्राओं में एंटी-थेफ्ट पाउच ट्रैवल के दौरान उपयोगी साबित हो सकते हैं। सवाल- अगर फोन खो जाए तो तुरंत क्या करें? जवाब- फोन खोने या चोरी होने पर घबराने की बजाय तुरंत कुछ जरूरी कदम उठाएं। इससे डेटा, बैंकिंग एप्स और पर्सनल जानकारी को गलत इस्तेमाल से बचाया जा सकता है। सभी जरूरी एक्शन ग्राफिक में देखिए- सवाल- खोए हुए फोन का पता कैसे लगाएं? जवाब- अगर आपके फोन में पहले से गूगल का ‘Find Hub’ फीचर ऑन है तो खोए हुए फोन की लोकेशन देख सकते हैं। सही तरीका ग्राफिक में देखिए- सवाल- पुलिस में शिकायत कैसे दर्ज करें? जवाब- फोन चोरी या खोने पर जल्द-से-जल्द पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। इससे फोन ट्रैक कराने, सिम ब्लॉक कराने और भविष्य में किसी गलत इस्तेमाल की स्थिति में कानूनी सुरक्षा मिलती है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें। ………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- पशुआहार में तय सीमा से ज्यादा यूरिया: दूध भी इन्फेक्टेड, लिवर-किडनी डैमेज का रिस्क, पीने से पहले चेक करें क्वालिटी दूध में पानी, डिटर्जेंट और सिंथेटिक केमिकल्स की मिलावट की खबरें अक्सर आती रहती हैं। अब मिलावट का खेल पशुओं के चारे तक पहुंच गया है। चिंता की बात यह है कि इसका असर पशुओं के साथ हमारी सेहत पर भी पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें…