अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चली आ रही तनातनी के बाद शांति समझौते पर हस्ताक्षर होना दुनिया की अर्थव्यवस्था और वैश्विक व्यापार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। इस समझौते के बाद उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटेगी और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी चिंताएं कम होंगी।