सूत्रों के अनुसार इस फैसले का सबसे अधिक प्रभाव चना बाजार पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि बड़ी मात्रा में स्टॉक की बिक्री से निकट अवधि में चना कीमतों पर दबाव बन सकता है और दाल मिलों को अपेक्षाकृत सस्ता माल मिलने की उम्मीद है।