यह मार्ग पितृ पर्वत से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामन गणेश क्षेत्र तक पहुंचेगा। एक हजार से अधिक करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को दो साल में पूरा करना है, लेकिन अभी कुछ हिस्से में काम शुरू हो पाया है।