खास बात यह है कि इकाई की प्रोपराइटर रिचा राजपाल ने ईमानदारी दिखाते हुए खुद विभाग को पत्र लिखकर अतिरिक्त राशि दो करोड़ 64 लाख रुपये वापस करने की पहल की है।