आयोजन की पवित्रता और पारंपरिक नियमों को ध्यान में रखते हुए जात्रा स्थल पर वीडियो और फोटोग्राफी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था। आयोजन समिति और प्रशासन ने श्रद्धालुओं से परंपरागत मर्यादा बनाए रखने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील करते नज़र आए।