दानपत्र खुलने से लेकर, चढ़ावे की रकम की गिनती और नोटों के बंडल बैंक तक पहुंचाने तक, हर कदम पर चोरी हुई। CCTV कैमरे थे, निगरानी करने वाले भी तैनात थे, गिनती के नियम-कायदे भी तय थे लेकिन गिनती के वक्त CCTV बीच-बीच में ऑफ किए गए।