सिनेमा हॉल के अंधेरे में जब आप 'द वॉयस ऑफ़ हिंद रजब' फ़िल्म देख रहे होते हैं तो यह एहसास ही सिहरन भर देता है कि यह कल्पना नहीं हक़ीक़त है.