छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सूचना का अधिकार (RTI) कानून को लेकर एक महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि आरटीआई में देरी होने पर अधिकारियों पर जुर्माना लगाना अनिवार्य नहीं है। कोर्ट ने कहा कि कानून का मुख्य उद्देश्य आवेदक को जानकारी दिलाना है। महासमुंद जिले के एक मामले में याचिकाकर्ता ने अधिकारियों पर जुर्माना लगाने की मांग की थी।