आज जब प्राइवेट सेक्टर्स में योग ट्रेनर्स की व्यक्तिगत कमाई का ग्राफ ऊपर जा रहा है, तब सरकारी यूनिवर्सिटीज का यह सूनापन चीख-चीख कर कह रहा है कि युवा सिर्फ 'योग का सर्टिफिकेट' नहीं, बल्कि 'रोटी और सुरक्षा की गारंटी' चाहता है।