AI: ऑस्ट्रेलिया ने आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर अपनी नई राष्ट्रीय रणनीति का खुलासा कर दिया है. पिछले साल दिसंबर में सरकार ने एक रोडमैप पेश किया था जिसका उद्देश्य देशभर में AI तकनीक को तेजी से अपनाना और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देना है. साथ ही सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि AI से जुड़े संभावित खतरों और चुनौतियों से निपटने के लिए मौजूदा कानूनी ढांचे का ही इस्तेमाल किया जाएगा.AI को बढ़ावा देने के लिए तीन बड़े लक्ष्यऑस्ट्रेलियाई सरकार की नई योजना मुख्य रूप से तीन जरूरी क्षेत्रों पर केंद्रित है. पहला, एडवांस डेटा सेंटरों में भारी निवेश करना ताकि AI बेस्ड सर्विसेज और तकनीकों का मजबूत आधार तैयार किया जा सके. दूसरा, AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच पब्लिक सेफ्टी सुनिश्चित करना. तीसरा, लोगों को AI से जुड़ी नई क्षमताएं सिखाना ताकि भविष्य की नौकरियों को सुरक्षित रखा जा सके और वर्क फोर्स को नई तकनीक के लिए तैयार किया जा सके.सरकार का मानना है कि AI केवल तकनीकी विकास का जरिया नहीं है बल्कि यह देश की आर्थिक वृद्धि और रोजगार के नए अवसरों का भी महत्वपूर्ण सोर्स बन सकता है.पुराने कानूनों के आधार पर होगा AI पर कंट्रोलसरकार ने संकेत दिया है कि AI को कंट्रोल करने के लिए फिलहाल कोई पूरी तरह नया कानून नहीं लाया जाएगा. इसके बजाय मौजूदा नियमों और कानूनी व्यवस्थाओं को आधार बनाकर AI से जुड़े खतरों को कंट्रोल किया जाएगा.सरकारी अधिकारियों का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के पास पहले से ही मजबूत कानून है जिसे AI के कारण पैदा होने वाली नई चुनौतियों के अनुसार और प्रभावी बनाया जाएगा.2026 में बनेगा AI सेफ्टी इंस्टीट्यूटसरकार ने मई में घोषणा की थी कि वर्ष 2026 में एक विशेष AI Safety Institute की स्थापना की जाएगी. इस संस्थान का मुख्य काम जनरेटिव AI और अन्य उभरती AI तकनीकों से पैदा होने वाले खतरों की निगरानी करना होगा.यह संस्थान आने वाले खतरों की पहचान करने, उनके प्रभाव का आकलन करने और उनसे निपटने के लिए प्रभावी उपाय तैयार करने में सरकारी एजेंसियों की मदद करेगा.AI कंपनियों पर बढ़ सकता है दबावनई रणनीति का असर केवल सरकारी नीतियों तक सीमित नहीं रहेगा. भविष्य में AI प्लेटफॉर्म्स पर भी सोशल मीडिया की तरह उम्र के अनुसार प्रतिबंध लागू किए जा सकते हैं. इसके अलावा, AI सर्विस देने वाली कंपनियों जैसे openai.com और gemini.google.com को अपने मॉडल्स में और मजबूत सेफ्टी उपाय जोड़ने पड़ सकते हैं.यह भी पढ़ें:क्या आपका फोन हर पल बता रहा है आपकी लोकेशन? अभी बंद करें ये सेटिंग