न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीदी में भ्रष्टाचार का दायरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन की जांच में अब सामने आया है कि भैंसा की एक समिति ने अपने खरीदी केंद्र से चार हजार 210 क्विंटल गेहूं गायब कर दिया है।