जांच के दौरान पुलिस को टेकरी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। फुटेज में आरोपित अविनाश के साथ बालिका और उसकी रिश्तेदार को टेकरी की ओर जाते देखा गया था, जबकि लौटते समय बालिका उनके साथ नहीं थी। यह तथ्य जांच की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।