बिलासपुर की जीवनदायिनी अरपा नदी आज प्रशासनिक उपेक्षा और अनियंत्रित शहरीकरण की भेंट चढ़ चुकी है। खोडरी से सेंदरी तक निर्मल बहने वाली अरपा शहर की सीमा में आते ही 70 से अधिक नालों के जहर और जलकुंभी के दलदल में फंसकर मरणासन्न हो गई है। दो दशकों से जारी झूठे वादों, करोड़ों के बजट और कागजी योजनाओं के बावजूद नदी का अस्तित्व खतरे में है।