मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक किया गया तर्पण पूर्वजों तक पहुंचता है और उनके आशीर्वाद से परिवार में सुख, समृद्धि तथा मानसिक शांति का मार्ग प्रशस्त होता है।