डॉपलर रडार, सैटेलाइट, समुद्री बॉय, वेदर बैलून और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन से जुटाए गए डेटा का विश्लेषण कर सटीक मौसम पूर्वानुमान तैयार किया जाता है।