याचिकाकर्ता का कहना था कि वे कर्मचारी संघ के पदाधिकारी हैं, उनके वृद्ध माता-पिता हैं, उनके निर्देशन में आठ शोधार्थी कार्यरत हैं तथा करीब 800 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी।