हाल के चुनावों ने एक नया सवाल पैदा किया है कि क्या भारत अब एक ऐसे दौर में पहुंच रहा है जहां क्षेत्रीय दलों की अहमियत सिमट रही है? टीएमसी में टूट की आशंकाओं के बीच यह सवाल और गंभीर हो गया है.