Vaccines Price Hike: सरकार ने बच्चों को लगाई जाने वाली कुछ जरूरी वैक्सीन की कीमतों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने अपनी 147वीं बैठक में इन वैक्सीनों की कीमतों में संशोधन का फैसला किया. इनमें बीसीजी (BCG), खसरा (Measles) और एमआर (Measles- Rubella) वैक्सीन शामिल हैं. ये तीनों टीके बच्चों को गंभीर और जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम का जरूरी हिस्सा माने जाते हैं.ऐसे में इनके दाम बढ़ने से पेरेंट्स की चिंता बढ़ गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि पेरेंट्स को कीमतों में बदलाव से घबराने की जरूरत नहीं है. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर यह फैसला क्यों लिया गया और इसका लोगों पर क्या असर पड़ सकता है. किन वैक्सीन की कीमतों में हुई बढ़ोतरी?राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने बीसीजी, खसरा और एमआर वैक्सीन की सीलिंग प्राइस में संशोधन को मंजूरी दी है. बीसीजी वैक्सीन बच्चों को टीबी जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए जन्म के बाद लगाई जाती है. वहीं खसरा और एमआर वैक्सीन बच्चों को खसरा और रूबेला संक्रमण से सुरक्षा देती हैं, जो कई बार गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकते हैं. बच्चों के लिए क्यों जरूरी हैं ये टीके?1.BCG वैक्सीन - यह टीका न्यू बोर्न बेबी को टीबी के गंभीर रूपों से बचाने में मदद करता है. जन्म के तुरंत बाद या शुरुआती दिनों में इसे लगाया जाता है. 2. खसरा (Measles) वैक्सीन - खसरा एक बेहद संक्रामक बीमारी है, जिससे तेज बुखार, दाने, निमोनिया और कई बार मेंटल हेल्थ संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं. ऐसे में समय पर टीकाकरण बच्चों को इससे सुरक्षित रखता है. 3. MR (Measles- Rubella) वैक्सीन - यह वैक्सीन खसरे के साथ- साथ रूबेला से भी सुरक्षा देती है. प्रेगनेंट महिलाओं में रूबेला संक्रमण होने पर जन्म लेने वाले बच्चे में गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसका टीकाकरण बेहद जरूरी माना जाता है. कीमतें क्यों बढ़ाई गईं?एनपीपीए के मुताबिक, इन वैक्सीन का प्रोडक्शन करने वाली कंपनियों की संख्या सीमित है और लागत बढ़ने की वजह से इनके निर्माण और सप्लाई को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो रहा था. ऐसे में अगर कीमतों में संशोधन नहीं किया जाता, तो आगे इनकी उपलब्धता प्रभावित हो सकती थी. अथॉरिटी का कहना है कि कीमत बढ़ाने का उद्देश्य कंपनियों को फायदा पहुंचाना नहीं, बल्कि यह तय करना है कि देश में जरूरी वैक्सीन की सप्लाई बाधित न हो और बच्चों का टीकाकरण प्रभावित न पड़े. कैंसर की दो अहम दवाएं भी हुईं महंगीबच्चों की वैक्सीन के अलावा एनपीपीए ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दो जरूरी कीमोथेरेपी दवाओं कार्बोप्लैटिन (Carboplatin) और सिस्प्लैटिन (Cisplatin) की सीलिंग प्राइस में भी 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की मंजूरी दी है, अथॉरिटी के अनुसार, कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और सप्लाई प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. कैंसर की दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल यानी एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) की कीमतों में लगातार उतार- चढ़ाव और बढ़ोतरी देखी जा रही थी. यह भी पढ़ें - Daily Walking Distance: एक दिन में कितने किलोमीटर चलना होता है ठीक, इससे ज्यादा चले तो कितना खतरा?एंटी- टिटनेस इंजेक्शन भी हुआ महंगाएंटी- टिटनेस इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन की कीमतों में भी 50 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. 250 IU और 500 IU क्षमता वाले इन इंजेक्शनों को बनाने वाली कंपनियां काफी समय से कह रही थीं कि बढ़ती लागत की वजह से इनका उत्पादन करना उनके लिए मुश्किल होता जा रहा है. यह भी पढ़ें - Eye Care Tips: आंखों के नीचे सूजन और डार्क सर्कल बढ़ गए हैं? जानें इसकी वजह और बचावDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.