आपका पैसा- कमाई कभी 30 हजार तो कभी 1 लाख:अनिश्चित इनकम में सेविंग और इन्वेस्टमेंट कैसे करें, फ्रीलांसर्स के लिए 5 मनी रूल्स

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आज के दौर में फ्रीलांसिंग इनकम का पॉपुलर तरीका है। फ्रीलांसिंग यानी किसी कंपनी के लिए स्वतंत्र रूप से काम करना। इसमें शिफ्ट में काम करने का प्रेशर नहीं होता, लेकिन कुछ चुनौतियां भी हैं। अनियमित इनकम के बीच पैसों का सही मैनेजमेंट सबसे बड़ी चुनौती है। जहां रेगुलर जॉब में हर महीने फिक्स सैलरी मिलती है, वहीं फ्रीलांसर्स की इनकम कभी ज्यादा तो कभी कम हो सकती है। ऐसे में बजट, सेविंग और टैक्स की सही प्लानिंग जरूरी है। सही स्ट्रेटेजी से अनियमित इनकम के बावजूद फाइनेंशियल स्टेबिलिटी हासिल की जा सकती है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में समझेंगे कि फ्रीलांसर्स को फाइनेंस कैसे मैनेज करना चाहिए। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: सीए अनुराग सचान, बी. के. खरे एंड कंपनी, नेहरू प्लेस, नई दिल्ली सवाल- रेगुलर जॉब वालों के मुकाबले फ्रीलांसर का फाइनेंशियल प्लान अलग क्यों होना चाहिए? जवाब- फ्रीलांसर और रेगुलर जॉब करने वालों की कमाई और रिस्क अलग होते हैं। इसलिए उनका फाइनेंशियल प्लान भी अलग होना चाहिए। इसकी सबसे बड़ी वजह ‘अनस्टेबल इनकम’ है- रेगुलर जॉब- हर महीने फिक्स सैलरी मिलती है। फ्रीलांसर- इनकम अनिश्चित रहती है, कभी कम, कभी ज्यादा हो सकती है। सवाल- फ्रीलांसर की इनकम अनियमित होती है तो ऐसे में बजट कैसे बनाएं? जवाब- अनियमित इनकम की वजह से फ्रीलांसर्स का बजट 'फिक्स सैलरी' वालों जैसा नहीं होता है। उन्हें थोड़ा स्मार्ट और फ्लेक्सिबल तरीका अपनाना चाहिए। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- 1. बेसलाइन इनकम तय करें 2. खर्च को दो हिस्सों में बांटें जरूरी खर्च किराया, खाना, जरूरी बिल्स। घटने-बढ़ने वाले खर्च घूमना, शॉपिंग, एंटरटेनमेंट। पहले जरूरी खर्च कवर करें, फिर बाकी पैसे खर्च करें। सवाल- फ्रीलांसर्स के बजट में मुख्य फोकस किस चीज पर होना चाहिए? जवाब- फ्रीलांसर्स के लिए सबसे बड़ी समस्या स्टेबिलिटी की होती है। इसलिए बजट बनाते समय ग्राफिक में बताई गई बातों का ध्यान रखें- सवाल- फ्रीलांसर्स को सेविंग प्लान कैसे करना चाहिए? जवाब- फ्रीलांसर्स के लिए सेंविंग ज्यादा जरूरी है, क्योंकि उनकी इनकम स्टेबल नहीं होती है। ग्राफिक में देखिए सेविंग के तरीके- सवाल- इमरजेंसी फंड कितना जरूरी है और यह कितना होना चाहिए? जवाब- इमरजेंसी फंड फाइनेंशियल सेफ्टी की बुनियाद है। फ्रीलांसिंग में अनस्टेबल इनकम होने पर यह और जरूरी है। इमरजेंसी फंड क्यों जरूरी? इमरजेंसी में सुरक्षा: अस्पताल के बिल, घर की मरम्मत जैसे कामों में मदद मिलती है। इनकम रुकने पर सहारा: काम न मिलने पर सहारा मिलता है। मानसिक शांति: मुश्किल वक्त में स्ट्रेस कम होताा है। निवेश की सुरक्षा: लॉन्ग-टर्म निवेश रोकने की नौबत नहीं आती है। सवाल- बफर अकाउंट क्या है? फ्रीलांसर्स के लिए ये क्यों जरूरी है? जवाब- यह एक अलग अकाउंट है, जिसमें आप अपनी एक्स्ट्रा इनकम जमा करते हैं। जिस समय काम कम मिलता है या पेमेंट लेट होता है तो यही पैसा काम आता है। फ्रीलांसर्स के लिए बफर अकाउंट कोई ऑप्शनल चीज नहीं है। यह इनकम की अनिश्चितता में स्टेबिलिटी का प्रैक्टिकल तरीका है। बफर अकाउंट क्यों जरूरी है, ग्राफिक में देखिए- सवाल- फ्रीलांसर्स SIP या रेगुलर इन्वेस्टमेंट कैसे शुरू करें? जवाब- फ्रीलांसर्स के लिए SIP शुरू करना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि उनकी इनकम फिक्स नहीं होती। हालांकि सही तरीका अपनाकर इसे आसान बनाया जा सकता है। फ्रीलांसर्स के लिए इन्वेस्टमेंट रूल्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- फ्रीलांसिंग जॉब में टैक्स मैनेजमेंट कैसे करें? जवाब- फ्रीलांसर्स के लिए टैक्स मैनेजमेंट थोड़ा अलग होता है, क्योंकि इसमें सैलरी से टैक्स नहीं कटता, खुद प्लान करना पड़ता है। ग्राफिक में फ्रीलांसर्स के लिए टैक्स प्लानिंग रूल्स देखिए- सवाल- कौन-कौन से खर्च टैक्स में क्लेम किए जा सकते हैं? जवाब- फ्रीलांसर्स अपने काम से जुड़े खर्च को टैक्स में क्लेम कर सकते हैं, जिससे बचत हो सकती है। शर्त बस इतनी है कि खर्च काम (बिजनेस/प्रोफेशन) से जुड़ा होना चाहिए। क्लेम करने लायक खर्च 1. वर्क-रिलेटेड खर्च 2. इंटरनेट और कम्युनिकेशन 3. सॉफ्टवेयर और टूल्स 4. ऑफिस या वर्कस्पेस खर्च 5. ट्रैवल और मीटिंग खर्च 6. प्रोफेशनल फीस 7. मार्केटिंग और प्रमोशन 8. स्किल डेवलपमेंट सवाल- फर्ज करिए, किसी फ्रीलांसर की इनकम 30,000 से 80,000 रुपए के बीच बदलती रहती है, तो उसे अपने पैसे कैसे मैनेज करने चाहिए? जवाब- इसे संभालने के लिए एक सिस्टम बनाना जरूरी है, ताकि हर महीने आपकी लाइफस्टाइल और फाइनेंस स्थिर रहें। कुछ बातों का ध्यान रखें- 1. फिक्स सैलरी तय करें 2. बफर अकाउंट बनाएं 3. खर्च कंट्रोल में रखें 4. 50-30-20 का रूल अपनाएं 5. पैसे को जरूरत के हिसाब से बांटें 6. इमरजेंसी फंड जरूर रखें सवाल- फ्रीलांसर्स के लिए रिटायरमेंट प्लान क्यों जरूरी है? जवाब- फ्रीलांसर्स के पास नौकरीपेशा लोगों की तरह पेंशन, पीएफ या ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं होतीं। इसलिए उन्हें अपना रिटायरमेंट खुद प्लान करना पड़ता है और प्लानिंग जितनी जल्दी शुरू करें, उतना ही बेहतर है। क्यों जरूरी है? 1. फिक्स इनकम नहीं होती है। 2. उम्र बढ़ने पर काम करना मुश्किल होता है। 3. समय के साथ चीजें महंगी होती हैं। 4. उम्र के साथ हेल्थ खर्च बढ़ता है 5. फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस जरूरी है। कब और कैसे शुरू करें? ………………ये खबर भी पढ़िएआपका पैसा- हर महीने ₹5000 जमा कर बनें करोड़पति: SIP से कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा, निवेश का सही तरीका जानें, एक्सपर्ट की 10 सलाह ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अमीर बनने के लिए लाखों का वेतन या कोई बड़ा बिजनेस होना जरूरी है, लेकिन SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) करके छोटी बचत से भी करोड़पति बन सकते हैं। आगे पढ़िए...