Solar Panel Myths: सोलर पैनल का इस्तेमाल लगातार बढ़ता जा रहा है. पिछले कुछ सालों से सोलर एनर्जी सिस्टम का एडोप्शन तेज हुआ है और अब शहरों से लेकर गांवों तक हर जगह सोलर पैनल नजर आने लगे हैं. हालांकि, सोलर पैनल को लेकर अभी भी लोगों के मन में कई भ्रम हैं. मसलन, कई लोगों को लगता है कि बादल छा जाने के बाद सोलर पैनल काम करना बंद कर देते हैं या इन्हें लगातार मैंटेनेंस की जरूरत पड़ती है आदि, लेकिन क्या सच में ऐसा है? आज हम ऐसे ही कुछ भ्रम और उनके पीछे का सच जानेंगे.भ्रम- बादल छा जाने पर काम नहीं करते सोलर पैनलसच- कई लोगों को ऐसा लगता है कि बादल छा जाने पर सोलर पैनल बिजली जनरेट नहीं कर पाते. असल में ऐसा नहीं होता. सोलर पैनल को बिजली जनरेट करने के लिए लाइट की जरूरत होती है. अगर धूप न निकले तो भी ये बिजली जनरेट कर सकते हैं. सोलर पैनल बादलों को पार कर आने वाले फोटोन्स को कैप्चर कर एनर्जी जनरेट कर सकते हैं. यह बात सच है कि बादल छाए रहने पर सीधी धूप न रहने पर आउटपुट कुछ कम हो जाता है, लेकिन एनर्जी जनरेशन एकदम बंद नहीं होता.भ्रम- सोलर पैनल सिस्टम को लगातार मैंटेनेंस की जरूरत पड़ती हैसच- सोलर पैनल को लगातार मैंटेनेंस की जरूरत नहीं पड़ती. सोलर पैनल इंस्टॉल करने के बाद साल में एक-दो बार प्रोफेशनल को बुलाकर इनकी जांच करवाने की सलाह दी जाती है. इसमें कोई मूविंग पार्ट नहीं होता तो कोई दिक्कत आने की आशंका भी कम रहती है. इसके अलावा अगर सफाई की बात की जाए तो अगर आप ज्यादा धूल-मिट्टी वाली जगह पर रहते हैं तो महीने में एक बार पैनल को साफ कर लेना चाहिए.भ्रम- तेज धूप वाली जगहों पर ही कामयाब हैं सोलर पैनलसच- कई लोग मानते हैं कि सोलर पैनल सिस्टम राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब समेत उन राज्यों में ज्यादा कामयाब हैं, जहां तेज धूप पड़ती है. असल में ऐसा नहीं है. सोलर पैनल देश के हर हिस्से में काम करते हैं. सूरज निकलने वाले दिनों के हिसाब से इनकी आउटपुट कम-ज्यादा हो सकती है, लेकिन ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां सोलर पैनल काम न करते हो.भ्रम- ज्यादा गर्मी में काम करना बंद कर देते हैं सोलर पैनसच- कई लोग मानते हैं कि ज्यादा गर्मी में सोलर पैनल काम नहीं करते. इस बात में कोई दोराय नहीं है कि गर्मी से सोलर पैनल की एफिशिएंसी पर असर पड़ता है, लेकिन ये काम करना बंद नहीं करते. ज्यादा टेंपरेचर से एफिशिएंसी थोड़ी कम हो जाती है, लेकिन अब ऐसे भी पैनल आने लगे हैं, जो इस असर को एकदम कम कर देते हैं.ये भी पढ़ें-Telegram बना नया डार्क वेब, साइबर अटैक में हो रहा यूज, सरकार ने लगाए बड़े आरोप