पुरुषोत्तम मास में शुभ मांगलिक कार्य तथा खरीदी पर रोक लगी हुई थी। पुरुषोत्तम मास समाप्त होते ही सभी शुभ मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। खास बात यह है कि अधिकमास समाप्त होने के साथ गुरु पुष्य नक्षत्र का महासंयोग निर्मित हुआ है।