कूनो की उस घाटी में ठहरकर इतिहास के पन्नों को पलटते हैं, जहाँ कभी हाथियों के झुंड घूमा करते थे और जहां आज भारत का सबसे बड़ा 'वाइल्डलाइफ मिरेकल' सांस ले रहा है।