मध्य प्रदेश में पिछले पांच वर्षों में बाघों के हमलों से 380 लोगों की मौत हुई। जल संकट और बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।