पिछले 15 सालों में इन्हें पीडब्लूडी जल संसाधन विभाग और नगर निगम के करोड़ों के ठेके मिले हैं। रीवा के अलावा सतना, सीधी और मऊगंज में भी इनकी फर्में काम कर रही हैं।